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    Author Topic: प्रोजेक्ट एनेस्तेसिया: आइडेंटिटी चोरी के   (Read 208 times)
    amishmanish (OP)
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    February 06, 2020, 10:06:42 AM
    Last edit: February 06, 2020, 03:26:33 PM by amishmanish
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    ये हैं नन्हीं राजकुमारी एनेस्तेसिया,जिन्हें शासकीय तौर पर कहा जाता था "ग्रैंड डचेस एनेस्तेसिया निकोलाएव्ना रोमनोव ". ये रूस के आखरी ज़ार शासक की सबसे छोटी बेटी थी. ये 1910 में उस बच्ची की एक तस्वीर है। :


    जुलाई 17 , 1918 को ,कम्युनिस्टों ने एनेस्तेसिया के साथ उसके माता-पिता और भाई-बहनो की हत्या कर दी थी. एनेस्तेसिया उस समय केवल सत्रह साल की थी.सभी की लाशों को पहचान मिटाने के लिए विकृत कर दिया गया और अवशेषों को इतनी गुप्त तरीके से छुपाया गया की उनकी खोज आखिरकार 1991 और 2007 में अलग अलग जगह हो पाई.

    लाश न मिलने के कारण ये अफवाहें उड़ने लगी की एनेस्तेसिया बच निकली थी. वैज्ञानिक तौर पर ये साबित है की ये अफवाहें गलत थी. डीएनए जांच से सभी अवशेषों का हिसाब लगाया है और ये साफ़ है की एनेस्तेसिया की मृत्यु 1918 में हो गयी थी.

    पर 1990 के दशक में अवशेषों के मिलने से पहले,  इन गलत अफवाहों का फ़ायदा उठा कर कई ढोंगी व्यक्ति सामने आये जिन्होंने राजकुमारी एनेस्तेसिया होने का दवा किया. इनमे से सबसे प्रसिद्द में एक ऐसी महिला भी थी जिसने एनेस्तेसिया के कुछ जीवित रह गए रिश्तेदारों तक का विश्वास इस बात के लिए जीत लिया की वह वाक़ई एनेस्तेसिया है. गौर करें की ये औरत दिमागी रूप से लम्बे समय तक विचलित रही थी. यह एक लम्बी कहानी है और यहां उसे दोहराना असंगत और एनेस्तेसिया के परिवार के लिए शर्मिंदगी का कारण है.

    एनेस्तेसिया होने का दावा  करने वाले ये  ढोंगी लोग बहरूपिये थे , पहचान चुराने वाले identity thief जिन्होंने एक प्रसिद्द बच्ची की पहचान अपने फायदे के लिए चुराई थी।  ये उन्होंने शायद इसलिए किया ताकि वह खुद झूठी शौहरत पा सकें  ,या शायद इसलिए कि वो राजकुमारी एनेस्तेसिया के दौलतमंद रिश्तेदारों से पैसे ठग सकें और या सिर्फ इसलिए क्यूंकि वह दिमागी तौर पर बीमार थे. कारण इनमें से कुछ भी हो सकता है. उन्होंने जो किया वह गलत था और उन लोगों के लिए दुखदायी था जो सच में एनेस्तेसिया को अपनी बच्ची मानते थे या उससे प्रेम रखते थे.




    बिटकॉइन के गुमनाम संस्थापक की पहचान भी एक ढोंगी,बहरूपिये ने चुराने की कोशिश करी है

    क्रेग राइट भी एक बहरूपिया, पहचान चुराने वाला identity thief है.

    जिस प्रसिद्द व्यक्ति के नाम और प्रतिष्ठा पर वह अपना दावा  करता है, असलियत में वह  वो नहीं है . उसकी बातें इतनी हास्यास्पद और गलत है की ज्यादातर लोग, जो बिटकॉइन के बारे में कुछ भी जानते हैं वह समझ जातें हैं की ये आदमी कितना बड़ा झूठ बोल रहा है.
    सातोशी नाकामोतो होने का दवा करने वाला वह पहला व्यक्ति नहीं है, पर सबसे बेशर्म ज़रूर है। ये याद रखिए की ऐसा दवा करने वाला वह आखरी व्यक्ति भी नहीं है. इस तरह के आपराधिक बहरूपियों को ऐसा करने में बहुत बड़ा फायदा दिखाई देता है।  जैसे जैसे अगले पचास-साठ  सालों में बिटकॉइन का मूल्य और लोकप्रियता बढ़ेगी, सातोशी होने का ढोंग करने वाले और ऐसे लोगों के जाल में फंसने वाले बढ़ते रहेंगे।

    इसका मतलब ये नहीं की इन् बहरूपियों को नज़रअंदाज़ कर दिया जाए!

    किसी की पहचान चुराना गलत है. ये धोखादड़ी और एक अपराध है. जब किसी प्रसिद्द व्यक्ति की पहचान चुराई जाती है तो ऐसे बहरूपिये कई लोगों को नुक्सान पहुंचा सकते हैं. इसे रोका जाना ज़रूरी है.

    बिटकॉइन से जुड़े सभी लोगों से मैं ये अपील करता हूँ की ऐसे बहरूपियों का हम सब एक हो कर विरोध करें। जब आप ये देखें की कोई बहरूपिया (Identity Thief) किसी की पहचान चुरा रहा है तो नज़रअंदाज़ न करें। चाहे वो चोरी छोटी हो या बड़ी, इसके खिलाफ ज़रूर खड़े हों। और अगर कोई बहरूपिया किसी प्रसिद्द व्यक्ति की पहचान चुरा कर बहुत सारे लोगों से उनकी मेहनत की कमाई चुराने की कोशिश करे तो ज़रूरी है की सबको पता चले की मामला कितने बड़े स्तर का है।  

    हमें इस तरह की आइडेंटिटी थेफ़्ट का विरोध करना चाहिए क्यूंकि ये मूलतः सही रास्ता है। क्यूंकि ये बिटकॉइन को सुरक्षित रखने के लिए  है। आखिर में यही कहा जा सकता है की जिस तरह एक बच्ची की याद को उसकी मौत के बाद भी इस्तेमाल किया गया, वैसे हम सातोशी की याद का गलत इस्तेमाल न होने दें।


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